कल्याण सिंह मंडल और कमंडल का साझा चेहरा
राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को अगर किसी ने सत्ता का स्वाद चखा या तो वह कल्याण सिंह थे। इन्होंने पार्टी को गठबंधन की राजनीति का पहला पाठ पढ़ाया। अखाड़ों में शारीरिक कौशल दिखा चुके सिंह ने राजनीतिक में भी अपने विरोधियों को चित किया। कल्याण सिंह के रूप में भाजपा को एक ऐसा चेहरा मिल गया था, जिसने सोशल इंजीनियरिंग वह हिंदुत्व दोनों को एक साथ साधा।
1980 में उत्तर प्रदेश भाजपा के महासचिव बने।
1984 में भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष चुने गए।