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Annual Aggregate Turnover Computation Methodology

For Normal Taxpayers who have filed all GSTR-3Bs:

Turnover reported in GSTR-3B Column 2 of Table 3.1 { (a),(b),(c) & (e)} during the Financial Year 2020-21 have been taken into consideration (in case all the returns have been filed for the same).

  1. Outwardtaxable supplies(other than zerorated, nil rated and exempted).
  2. Outwardtaxable supplies(zero rated).
  3. Other outward supplies (nil rated, exempted).
  4. Non-GST outward supplies.

For Normal Taxpayers who have not filed all GSTR-3Bs:

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Bipin Rawat wiki, Age, Height, Net Worth, Wife, Cars, Bio, Career

Bipin Rawat net worth was $2 Million Dollar (Rs 15 Crores). He was Born on 16 March 1958. Bipin Rawat (PVSM UYSM AVSM YSM SM VSM ADC) was a Four-Star general of the Indian Army. He was the first Chief of Defence Staff of the Indian Armed Forces. He has died on 8 December 2021 with his wife Madulika Rawat.

 Gen Bipin was appointed as the first CDS of India and assumed office from 1 January 2020. Bipin Rawat, Wife & 11 Other Official Generals had died today. Let’s pray for him and 12 Other Officials also.

Last rites of General Bipin Rawat performed with full military honours

The mortal remains of General Bipin Rawat were cremated at Delhi's Brar Square cremation ground with full military honours on Friday. According to The Indian Express, the late general was accorded a 17-gun salute at his funeral attended by 800 service personnel as per protocol. Top military officials from Sri Lanka, Bangladesh, Nepal and Bhutan also attended the final farewell of India’s first Chief of Defence Staff.

General Bipin Rawat

वारंट कितने प्रकार के होते है?

अरेस्ट वारंट दो प्रकार के होते है जमानतीय वारंट और गैर जमानतीय वारंट. जमानतीय वारंट से डरने की कोई जरूरत नही होती है. इसमें आपको कोई अरेस्ट नही करता है. जबकि गैर जमानतीय वारंट में आपको अरेस्ट किया जा सकता है.

क्या पुलिस को किसी को मारने का अधिकार है?

किसी भी आरोपी को मारने का पुलिस के पास अधिकार नहीं है। कानून ने उन्हें जो अधिकार दिए हैं, वह कानून की सुरक्षा के लिए दिए हैं। इस अधिकार का सही इस्तेमाल करके पुलिस नागरिकों के अधिकार को संरक्षण देती है। कानून किसी को भी मारपीट का अधिकार नहीं देता है।

पुलिस द्वारा किसी व्यक्ति को गैरकानूनी ढंग से अपने कब्जे में रखना कहलाता है?

यदि पुलिस किसी को गैरकानूनी तरीके से गिरफ्तार करती है तो यह न सिर्फ भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता मतलब सीआरपीसी का उल्लंघन है, बल्कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 20, 21 और 22 में दिए गए मौलिक अधिकारों के भी विरूद्ध है।

अगर पुलिस न सुने तो क्या करे?

अगर पुलिस आपकी शिकायत को दर्ज करने से इनकार कर देती है तो आपके पास अधिकार है कि आप किसी सीनियर ऑफिसर के पास जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. अगर इसके बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होती है तो आप CrPC के सेक्शन 156 (3) के तहत मेट्रोपॉलिटिन मजिस्ट्रेट के पास इसकी शिकायत करने के अधिकारी हैं.

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किशोरों का अधिकार

अंडमान निकोबार पुलिस

किशोरों का अधिकार

किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और सरंक्षण) अधिनियम, 2000 के तहत विशेष किशोर पुलिस एकांश का गठन

महिला तथा बाल सहायता दूरभाष सं. 1098 (टोल फ्री)

ऐसा माना जा रहा है कि किसी भी जनसंख्या में बच्चों की संख्या अतिसंवेदनशील वर्ग है जिन्हें विशेष देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता है भारत का संविधान राज्य पर यह सुनिशिचत करने का दायित्व दिया है कि बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा किया जा रहा है और उनकी बुनियादी मानवीय अधिकारों को सुरक्षा प्रदान किया जा रहा है ।

यातायात अपराध, कानून की धारा एवं जुर्माना राशि की सूची

अंडमान निकोबार पुलिस

यातायात अपराध, कानून की धारा एवं जुर्माना राशि की सूची

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